मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विपक्ष पर निशाना, अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष की हताशा का दस्तावेज
जनता के विश्वास पर खरी उतरी सरकार, 13 महीनों में 54 संकल्प किए पूरे: मुख्यमंत्री
नितिन वालिया(लोक प्रेरणा) चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुह गिरा। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष सरकार पर जो भी आरोप लगाए, वे तथ्यों, सच्चाई और जमीनी हकीकत पर आधारित होने चाहिए, न कि निराशा, हताशा और राजनीतिक कुंठा से उपजे हुए। इस प्रस्ताव को देखकर पहली नजर में ही कहा जा सकता है कि यह जल्दबाजी में केवल प्रस्ताव लाने के लिए लिखा गया है। कोई गंभीरता इसमें दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में केवल एक आंकड़ा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस अविश्वास पत्र में महंगाई शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। स्पष्टत: विपक्ष भी मानता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महंगाई कम हुई है। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में सरकार पर लगाया गया पहला आरोप है कि “सरकार ने लोकतंत्र को तंत्र-लोक में बदल दिया है।” उन्हें शायद यह नहीं मालूम कि भारतीय संस्कृति में तंत्रलोक कोई अपशब्द नहीं है। वरन यह कश्मीर शैव दर्शन के एक महान ग्रंथ का नाम है, जिसे आचार्य अभिनव गुप्त जी ने 10वीं शताब्दी में रचा था। वे भारत के एक महान दार्शनिक, आचार्य और साधक थे। मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या कांग्रेस के विधायक शब्दों का अर्थ और संदर्भ भी भूल गए हैं। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि शब्द जब अर्थ खो देते हैं,तो संवाद शोर बन जाता है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में एक बड़े अंग्रेजी वाक्यांश “टनल विज़न” का प्रयोग करके सरकार की सोच पर संकीर्णता का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा विजन संकीर्ण नहीं, वरन अर्जुन के निशाने कि तरह फोकस्ड है। राज्य सरकार का विजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए विकसित भारत @ 2047 के संकल्प को साकार करना है। उनके नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र पर चलते हुए तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन से प्रेरणा लेकर सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन को संवारने के लिए कटिबद्ध, प्रतिबद्ध और कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 से पहले ही विकसित हरियाणा के अपने विजन को राज्य सरकार धरातल पर उतार कर दिखाएगी। हमारी परिकल्पना में विकसित हरियाणा में न केवल हर परिवार में समृद्धि होगी बल्कि गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर जी की वो परिकल्पना भी साकार होगा कि “Where the mind is without fear and the head is held high, where knowledge is free.” “चित्त जेथा भय शून्य, उच्च जेथा सिर और ज्ञान जेथा मुक्त।“ उन्होंने कहा कि लगातार पिछले 11 वर्षों से भी अधिक समय से दिन – रात प्रदेश के गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊपर उठाने, हर किसान की आय बढ़ाने, हर बेटी को सुरक्षा और सम्मान देने, हर महिला को स्वावलंबी बनाने, हर युवा को बिना पर्ची और बिना खर्ची के पारदर्शी तरीके से रोजगार देने और शासन को जवाबदेह, पारदर्शी तथा संवेदनशील बनाने में पूरी मेहनत और निष्ठा से कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि जहां अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति मुस्कराए, वहीं सच्चा विकास होता है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश का हर व्यक्ति हर रोज अपनी आँखों से देखता है कि कैसे पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पूरे देश में सड़कों और हाईवेज का जाल बिछा दिया है। प्रधानमंत्री के यशस्वी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में देश में 2500 किलोमीटर लंबाई की विभिन्न सुरंगें बनी हैं, जिनमें केवल रेलवे की 460 किलोमीटर लंबी सुरंगें शामिल हैं। देश को कश्मीर से जोड़ने वाली डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल तथा बनिहाल-काजीगुंड टनल जैसी परियोजनाएँ भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और राजनीतिक इच्छा-शक्ति की जबरदस्त परिचायक है। पूरे देश ने देखा कि कैसे वर्ष 2017 में संगलदान रेलवे टनल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल के लोकार्पण ने यह सिद्ध कर दिया कि दुर्गम पहाड़, मौसम और चुनौतियां नए भारत की प्रगति को अब रोक नहीं सकतीं। पिछले वर्ष 2024 में, यूएसबीआरएल परियोजना की 12.7 किलोमीटर लंबी टी-50 रेलवे टनल ने जम्मू-कश्मीर को देश के रेल मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में भी हरियाणा बॉर्डर से दिल्ली हवाई अड्डे तक बनी टनल नागरिकों को मिली सुविधा, आवागमन में समय की बचत और तकनीकी दक्षता का प्रतीक के रूप में उभरी है। यही नहीं, कुंडली से मानेसर तक के.एम.पी. के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के अंतर्गत एक किलोमीटर से अधिक लंबी टनल बनाई जा रही है। वर्ष 2020 में बनी मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाली 9 किलोमीटर लंबी अटल टनल दुनिया की सबसे ऊंची हाईवे सुरंग है। इसका नाम भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर रखा गया है। इस देश में सड़कों का जाल बिछाने का विजन श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का ही था। श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में भारत ने विकास की नई गति पकड़ी। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना से 14,000 कि.मी. लंबे राजमार्ग बने। उन द्वारा शुरू कि गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से समूचे देश के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कें पहुंचीं। हरियाणा को भी इस योजना का बड़ा लाभ मिला। इसके तहत राज्य में लगभग 3,500 कि.मी. लंबी सड़कें बनी। उन्हीं के कार्यकाल में दिल्ली मेट्रो की नींव रखी गई, जो आज राजधानी का जीवन रेखा है। सरदार सरोवर बांध जैसी जल परियोजनाओं से सिंचाई बढ़ी। वाजपेयी जी का ‘इंडिया शाइनिंग’ विजन आज भी पूरे देश की प्रेरणा का स्रोत है। हमारा विकास का विजन वाजपेयी जी के कार्यकाल से ही विकसित हुआ था, जो अब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास के विजन के रूप में विकसित हो चुका है। मुख्यमंत्री ने 24 दिसंबर को पंचकूला में आयोजित होने वाले अटल जी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के लिए सदन के सभी सदस्यों को दिया न्योता श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर आगामी 24 दिसंबर को पंचकूला में उनकी प्रतिमा का अनावरण केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने सदन के सभी सदस्यों को न्योता दिया और कहा कि जो भी अटल जी के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं, वे इस कार्यक्रम में जरूर शामिल हों। उन्होंने कहा कि 24 दिसम्बर की अपनी यात्रा के दौरान पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरीयम में श्री अमित शाह हरियाणा सरकार का हरियाणा विज़न 2047 नामक विज़न डॉक्यूमेंट को भी रिलीज करेंगे। इसके अलावा, आगामी 25 दिसंबर को पूरा देश उनके जन्मदिन को हर साल की तरह सुशासन दिवस के रूप में मनाएगा। उन्होंने देश में सुशासन के लिए बड़े सुधार किए थे। इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उनके जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।
