प्रदेश के राज्यपाल सहित अनेक मुख्यमंत्रियों तक से हो चुके थे सम्मानित, 106 बार रक्तदान कर बनाया रिकॉर्ड
अमित वालिया(लोक प्रेरणा) लोहारू। भिवानी जिले ही नहीं प्रदेश भर में रक्तदान के क्षेत्र में युवाओं को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का श्रेय मा. प्यारेलाल सांगवान को जाता है। दक्षिण हरियाणा के रेतीले इलाके से रक्तदान की लौ प्रज्वलित कर उन्होंने आजीवन रक्तदान के प्रति समर्पित भाव से कार्य किया। गत दिवस प्रसिद्ध समाजसेवी व रक्तदाता प्यारेलाल सांगवान का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। ध्यान रहे कि लोहारू, भिवानी और आस-पास के क्षेत्र में रक्तदान की मुहिम चलाने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के लिए मास्टर प्यारेलाल सांगवान ने अमूल्य योगदान दिया। पेशे से शिक्षक रहे प्यारेलाल सांगवान का जन्म भिवानी के दमकौरा गांव में जगत सिंह सांगवान के घर 22 अगस्त 1954 को हुआ।उनकी तीन संताने डॉ विश्वन्द्र सांगवान, डॉ विवेक सांगवान और बेटी विनीता श्योराण है। रक्तदाता प्यारेलाल सांगवान को मुख्याग्नि उनके जेष्ठ पुत्र डॉ विश्वन्द्र सांगवान ने दी। रक्तदान के क्षेत्र में भिवानी जिले में ही नहीं बल्कि पुरे हरियाणा में प्यारेलाल सांगवान का नाम फक्र से लिया जाता है। वर्ष 1984 में अपनी 30 साल की उम्र में पहली बार रक्तदान किया तथा खुशी का एहसास हुआ। उसी दौरान उनको बताया गया कि फरटिया केहर की सरबती देवी को खून नहीं मिलने के कारण मृत्यु हो गई है। उस दिन उन्होंने प्रण लिया कि जब तक उनकी सांस चलेगी वे किसी को रक्त के कारण नहीं मरने देंगे। रक्तदाता व रक्तवीर के नाम से ही प्रसिद्ध हो चुके प्यारेलाल सांगवान शिक्षा विभाग में विज्ञान अध्यापक के तौर पर भर्ती हुए थे। बताते हैं कि एक टीम रोहतक मैडिकल कालेज से वर्ष 1984 में लोहारू के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आई थी तथा उन्होंने कहा था कि हर विभाग से दो-दो रक्तदाता खून देने रोहतक आएंगे। पहली बार 5 मई 1984 को रक्तदान किया। उसी साल स्वैच्छिक रक्तदाताओं का एक समूह बनाया जिसमें 350 सदस्य हैं। 31 मार्च 2015 को राजकीय उच्च विद्यालय सेहर से मुख्याध्यापक के पद से सेवानिवृति पर भी उन्होंने रक्तदान शिविर लगाकर सम्मान समारोह करवाया था। प्यारेलाल सांगवान 106बार रक्तदान कर चुके है। रक्तदान तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने पर पहली बार वर्ष 1997 में हरियाणा के तत्कालीन राज्यपाल महावीर प्रसाद ने उन्हें सम्मानित किया था। वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला द्वारा चंडीगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित किया था। इसके अलावा वर्ष 2003 में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया उन्हें यह पुरस्कार तत्कालीन राज्यपाल बाबू परमानंद ने प्रदान किया था। इसके अलावा प्यारेलाल सांगवान वर्ष 2006 में शिक्षा के साथ साथ समाज सेवा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने पर तत्कालीन राज्यपाल एआर किदवई तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा सम्मानित हो चुके थे.इसके इलावा राज्यपाल भंडारू दत्तात्रे ने शतकवीर रक्तदाता स्टेट अवार्ड 15 जून 2022 दिया भिवानी के स्थापना दिवस पर सास्कृतिक मंच भिवानी द्वारा गौरव अवार्ड भिवानी सेवा सम्मान मिला। रक्तदाता प्यारेलाल सांगवान से प्रभावित होकर उनकी टीम के सदस्य लोहारू एसडीएम मनोज दलाल, शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा व प्रवक्ता श्यामसुंदर सांगवान भी रक्तदान की मुहिम चलाए हुए हैं। इन्होंने कोरोना काल में मिलकर भिवानी व आसपास के क्षेत्र में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में नहीं मरने दिया। बेशक प्यारेलाल सांगवान हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके द्वारा रक्तदान के प्रति चलाई गई मुहिम जिले के लोगों के लिए एक वटवृक्ष बन चुकी है तथा रक्तदान के क्षेत्र में सदैव उनके योगदान को याद किया जाएगा।
